Posted by: jeetbhargava on: सितम्बर 22, 2008
हमारे तथाकथित सेकुलर नेताओ की तरह हमारा मीडिया भी बेशर्म है. इससे कुछ भी उम्मीद न करे. यह भी हमारे लालू, मुलायम, सोनिया, मनमोहन और शरद पवार जैसा ही पाखंडी और झूठा है. इनके लिए वोट और सत्ता ही सब कुछ है वैसे मीडिया के लिए टी आर पी और कोंग्रेस जनित नकली सेकुलरवाद ही सबकुछ है. मैं आपको इसके दोगलेपन के दो और उदाहरण देना चाहूंगा. समाजवादी पार्टी की आजमगढ़ इकाई के वाइस प्रेजिडेंट शादाब अहमद के आतंकवादी सुपुत्र मुहम्मद सैफ को हथियारों समेत दिल्ली पुलिस ने पकडा है. लेकिन न तो मीडिया ने देश को ख़बर दी न ही सिमी के रहनुमा मुलायम-अमर कुछ कहते नज़र आ रहे हैं. दूसरी बात उडीसा में स्वामी लक्ष्मनानद समेत पांच लोगो की ईसाई मिशनरियो ने ह्त्या कर दी लेकिन यहाँ ख़बर भी मीडिया ने दबा दी और उसके बाद हुए हिंसा को जोर शोर से प्रचारित किया.
सितम्बर 23, 2008 at 5:07 अपराह्न
bilkul sahi. lekin ye bhi dhyan mein rakhna hoga ki in media par control bhi to inhi amarsingho, soniyanon, wampanthiyon ka control hai so unse ummed na kare.