Posted by: jeetbhargava on: मई 25, 2008
जिन्होंने ‘जननी जन्मभूमी को स्वर्ग से भी प्यारा’ बताया ऐसे राष्ट्रनायक श्री राम की जन्मभूमी पर राज करनेवाली हमारे देश की सेकुलर सरकार और नेहरू व नेहरुवाद की छत्र-छाया में पोषित वामपंथी इतिहासकार तथ्यों की अनदेखी करते हुए उन्हें झुठलाने के अभियान में जी-जान से लगे हुए हैं. लेकिन श्रीलंका की सरकार ने गहरा शोध अनुसंधान करके रावण और राम के एतिहासिक आस्तित्व के बारे में सच को सबके सामने रखते हुए भारत की सेकुलर जमात के गाल पर करारा तमाचा मारा है. शर्म की बात है की रावण के देश ने भी श्रीराम के वजूद को माना ही बल्कि उसे साबित करके स्वयं को गौरवान्वित महसूस किया है, जबकि भारत के सेकुलर सरकार ने श्रीराम को अभी भी निर्वासित ही हर रखा है. हम तो यही कहेंगे की, प्रभू राम भारत के सेकुलरों को सदबुद्धि दे. …
why stone flouting in the water??
jai shree raaaam…….
Aap ke es baat se sabit hota hai ki Ishwar(god) ko apani baat ke liya kisi praman ki jarurat Nahi hai we to apni baat doosaro se bhi kahava lete hai per in netaio ko koun samjhai jo apani sanskriti ko bhoolte ja rahe hai are jab lanka wale maan rahe hai to tum to Bhagwan ram ke desh ke wasi ho. kripaya apane sansakriti ko pahachano.
मई 25, 2008 at 11:32 पूर्वाह्न
आपने जो ब्लाग शुरु किया है उसके लिए बधाई। इसकी बेहद जरुरत है आज।