The True Face of Indian Secularist

आजाद हिन्दुस्तान में जिन शब्दों ने सबसे ज्यादा गुमराह किया है, उनमें से एक है “सेकुलर”. इसी के सही मायने समझने-समझाने और भारत की सेकुलर राजनीति का पर्दाफाश करने के साथ ही मुख्यधारा के मीडिया, विचारकों की दुनिया में घुसे तथाकथित सेकुलर-वादियों की खरपतवार के पाखंड को उजागर करना ही हमारा लक्ष्य है. यह एक गैर-राजनीतिक मंच है. और देश में सर्वधर्म समानता, सदभाव, और राष्ट्र की अस्मिता के रक्षण के लिए समर्पित इस अभियान में आपके सहयोग की अपेक्षा है.

बयान-ऐ-सेकुलर

with 4 comments

देशद्रोही घुसपैठिये इनके अतिथि हैं?

“भारत देश में अतिथियों के स्वागत सत्कार की महान परम्परा है. इसलिए हम बांग्लादेशियों को देश के बाहर नहीं निकाल सकते.”
-शीला दीक्षित, दिल्ली की कोंग्रेसी मुख्यमंत्री ने जयपुर विस्फोट में ७० लोगों की हत्या में बांग्लादेशियों के नाम आने पर उनके बचाव में यह कहा.
सच: शीलाजी को देश के मासूम लोगों के खून से इन बांग्लादेशी अतिथियों  का सत्कार करते हुए सत्ता हासिल करनी है. आख़िर वोट बैंक का सवाल है भाई. ये है भारतीय राजनीति की एक महान सेकुलर नेता.

Written by jeetbhargava

May 22, 2008 at 6:22 pm

4 Responses

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  1. सब राजनितिक चालें हैं.

  2. स्वागत है!

    Anunad Singh

    May 23, 2008 at 9:23 am

  3. आप इसी तरह बेनकाब करते रहें….

  4. श्री समीरजी, अनुनादजी, एवं संजयजी, प्रतिक्रिया देकर उत्साहवर्धन कराने के लिए धन्यवाद. आशा है आपका मार्गदर्शन मिलता रहेगा.

    jeetbhargava

    May 23, 2008 at 7:32 pm


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